PM Vishwakarma Yojana भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक विशेष योजना है, जिसका उद्देश्य देश के पारंपरिक कारीगरों और श्रमिकों को आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। आज भी हमारे देश में लाखों लोग ऐसे पारंपरिक काम करते हैं, जिनसे परिवार चलता है, लेकिन उन्हें सरकारी सहायता या सही पहचान नहीं मिल पाती।
इस लेख में आपको पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़ी पूरी जानकारी सरल और स्पष्ट भाषा में मिलेगी, खासकर यह कि कौन-कौन से काम करने वाले लोग इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना क्या है?
पीएम विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जो उन लोगों के लिए बनाई गई है जो हाथों और औजारों से पारंपरिक काम करते हैं। इस योजना के अंतर्गत कारीगरों को पहचान पत्र, प्रशिक्षण, औजार, और सस्ते ऋण की सुविधा दी जाती है।
योजना का उद्देश्य पारंपरिक कौशल को आधुनिक बाजार से जोड़ना है।
PM Vishwakarma Yojana का मुख्य उद्देश्य
इस योजना के जरिए सरकार चाहती है:
- पारंपरिक कारीगरों को सरकारी पहचान देना
- रोजगार और आय के अवसर बढ़ाना
- कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना
- उनके काम की गुणवत्ता और बाजार मूल्य बढ़ाना
PM Vishwakarma Yojana के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
PM Vishwakarma Yojana के अंतर्गत केवल वही लोग आवेदन कर सकते हैं जो पारंपरिक पेशों से जुड़े हुए हैं। नीचे ऐसे प्रमुख कामों की सूची दी गई है:
👉 लकड़ी और लोहे से जुड़े काम
- बढ़ई
- लोहार
- ताला बनाने वाले
- औजार निर्माता
👉 मिट्टी और पत्थर से जुड़े काम
- कुम्हार
- मूर्तिकार
- पत्थर तराशने वाले
👉 कपड़ा और सिलाई से जुड़े काम
- दर्जी
- बुनकर
- कढ़ाई करने वाले
👉 चमड़ा और जूते से जुड़े काम
- मोची
- चमड़ा कारीगर
👉 निर्माण और मरम्मत से जुड़े काम
- राजमिस्त्री
- टोकरी बनाने वाले
- झाड़ू बनाने वाले
👉 अन्य पारंपरिक पेशे
- सुनार
- नाई
- धोबी
- खिलौना निर्माता
यदि आप इनमें से किसी भी काम से जुड़े हैं और अपने हाथों से काम करते हैं, तो आप इस योजना के पात्र हो सकते हैं।
PM Vishwakarma Yojana के लिए पात्रता शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्न शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- आवेदक भारत का नागरिक हो
- पारंपरिक कारीगर या श्रमिक हो
- स्वयं का काम करता हो
- सरकारी नौकरी में न हो
- पहले किसी समान योजना का लाभ न लिया हो
PM Vishwakarma Yojana के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को कई प्रकार की सहायता मिलती है:
- विश्वकर्मा पहचान पत्र
- कौशल प्रशिक्षण की सुविधा
- प्रशिक्षण के दौरान दैनिक भत्ता
- आधुनिक औजार और उपकरण
- कम ब्याज दर पर ऋण
- डिजिटल लेनदेन और विपणन सहायता
PM Vishwakarma Yojana में ऋण सुविधा
PM Vishwakarma Yojana के अंतर्गत कारीगरों को दो चरणों में ऋण दिया जाता है:
- पहले चरण में छोटा ऋण
- समय पर भुगतान करने पर दूसरा बड़ा ऋण
इस ऋण पर ब्याज दर कम होती है, जिससे कारीगर अपने काम को आगे बढ़ा सकते हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना में आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल है:
- नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर जाएं
- आवश्यक दस्तावेज साथ ले जाएं
- आवेदन फॉर्म भरवाएं
- सत्यापन के बाद लाभ मिलना शुरू हो जाता है
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र
- बैंक खाता विवरण
- पारंपरिक कार्य से संबंधित प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
वास्तविक जीवन का उदाहरण
रमेश जी एक बढ़ई हैं। पहले उन्हें अपने काम के लिए पुराने औजारों पर निर्भर रहना पड़ता था। PM Vishwakarma Yojana के तहत उन्हें प्रशिक्षण और नए औजार मिले, जिससे उनका काम बेहतर हुआ और आमदनी भी बढ़ी।
कारीगरों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
- केवल सरकारी माध्यम से ही आवेदन करें
- किसी दलाल या फर्जी एजेंट से दूर रहें
- प्रशिक्षण को गंभीरता से लें
- ऋण का सही उपयोग करें
निष्कर्ष – Conclusion
PM Vishwakarma Yojana देश के कारीगरों और श्रमिकों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। यदि आप किसी पारंपरिक काम से जुड़े हैं और अपने हुनर से जीवन यापन करते हैं, तो यह योजना आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है।
सही जानकारी और सही समय पर आवेदन आपको आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ा सकता है। WhatsApp Channel

Nesar Sir
नेसार सर, ResultKhabar.in के संस्थापक हैं। वे 5 साल के अनुभवी और समर्पित ब्लॉगर हैं, जो शिक्षा, नौकरी, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी देने के लिए जाने जाते हैं। इनका उद्देश्य युवाओं को सही जानकारी देकर उनका भविष्य बेहतर बनाना है।
