Bihar Board Class 12th Geography Most Vvi Subjective Question 2027: नमस्कार दोस्तों, अगर आप बिहार बोर्ड से 2027 मे इंटर की परीक्षा देने वाले है। तो हम इस लेख में कक्षा 12वीं भूगोल 2 अंक और 5 अंक वाले महत्वपूर्ण प्रश्न बताया हूँ। जो परीक्षा के दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण है।
यदि आप परीक्षा में अच्छा नंबर लाना चाहते है, तो इस प्रश्न को जरूर पढ़े।
Bihar Board Class 12th Geography Most Vvi Subjective Question 2027 – Overview
| विवरण | जानकारी |
| लेख का नाम | Bihar Board Class 12th Geography Most Vvi Subjective Question 2027 |
| कक्षा | 12वीं (Inter) |
| कुल लघु उत्तरीय (2 अंक) प्रश्न | 30 प्रश्न |
| कुल दीर्घ उत्तरीय (5 अंक) प्रश्न | 10 प्रश्न |
Bihar Board Class 12th Geography Most Vvi Subjective Question 2027
लघु उत्तरीय प्रश्न ( 2 अंक )
1. शुष्क कृषि क्या है?
उत्तर:- शुष्क कृषि पद्धति उन क्षेत्रों में अपनायी जाती है, जहाँ वार्षिक वर्षा 75 सेमी० से कम होती है। वर्षा के अभाव में यहाँ ऐसी फसलें उपजायी जाती हैं जो शुष्कता को सहन कर सके, जैसे-रागी, बाजरा, मूग, चना, ज्वार इत्यादि। इन क्षेत्रों में आर्द्रता संरक्षण तथा वर्षा जल के प्रयोग की अनेक विधियाँ अपनाई जाती है।
2. प्रवास के दो प्रतिकर्ष कारकों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:- प्रवास के दो प्रमुख प्रतिकर्ष कारक हैं –
(i) विभिन्न सुविधाओं का अभाव । (i) अशान्ति सविगृहयुद्ध की स्थिति।
3. वर्षा जल संग्रहण तकनीक क्या है?
उत्तर:- वर्षा जल संग्रहण की निम्नलिखित विधियाँ हैं-
(i) मकानों की छत पर गिरे वर्षा जल का संग्रहण
(ii) खेतों और गाँवों में तालाब, (iii) मेड़बंदी,
(iv) रोपण सीड़ीदार खेत, (v) बाँध बनाकर जल का संग्रहण, (vi) जल रिसाव तालाब, (vii) वन
4. भूमध्यसागरीय कृषि के महत्त्व को लिखिए।
उत्तर:- भूमध्यसागरीय जलवायु क्षेत्रों में मुख्यतः अंगूर, जैतून, नारंगी आदि की खेती होती है। यह क्षेत्र शराब और इत्र के व्यावसायिक उत्पादन में अग्रणी है। कुछ खाद्यान्न, सब्जियाँ तथा बागवानी के साथ सीमित पशुपालन भी किया जाता है।
5. भारत के चार सूतीवस्त्र उद्योग केन्द्रों के नाम लिखिए।
भारत के चार सूती वस्त्र उद्योग केन्द्र हैं-
उत्तर:-
(i) अहमदाबाद गुजरात
(ii) मुम्बई — महाराष्ट्र
(iii) कोलकाता — पश्चिम बंगाल
(iv) चेन्नई — तमिलनाडु
6. मानव विकास से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:- मानव विकास से तात्पर्य लोगों के विकल्पों को विकसित करने और परिवर्द्धित करने की प्रक्रिया से है। अर्थात् मानव के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक विकास के विकल्पों को परिवर्द्धित करने की प्रक्रिया ही मानव विकास है।
7. ऋणात्मक व्यापार संतुलन क्या है ?
उत्तर:- निर्यात मूल्य से आयात मूल्य जब अधिक होता है, तो इसे ऋणात्मक व्यापार संतुलन कहते है। यह अंतर्राष्ट्रीय व्यापार घाटे को दर्शाता है तथा देश के आर्थिक विकास को अवरुद्ध करता है।
8. भू-निम्नीकरण के दो कारणों का उल्लेख कीजिए
उत्तर:- भू-निम्नीकरण के दो प्रमुख कारण हैं-
(i) अत्यधिक सिंचाई अथवा जल छाजन ।
(ii) रासायनिक उर्वरकों का अन्धाधुन्ध प्रयोग ।
9. भारत के दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के नाम लिखिए।
उत्तर:- भारत के दो प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं-
(i) श्रीमती इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय वायु पत्तन —–दिल्ली
(ii) राजा सांसी अंतर्राष्ट्रीय वायुपत्तन ——अमृतसर ।
10. अशोधित मृत्यु-दर की गणना कैसे की जाती है ?
उत्तर:- किसी क्षेत्र के प्रति 1000 की आबादी में किसी वर्ष में मृत लोगों की संख्या को अशोधा मृत्युदर कहते हैं। इसकी गणना का सूत्र है- CDR = D/ Px1000
अर्थात् अशोधित मृत्युदर मरने वाले लोगों की संख्या /वर्ष के मध्य में कुल जनसंख्या x1000
11. बंदा समाज में बनों को क्या कहा जाता है ?
उत्तर:- बेंदा समाज में वनों को पवित्र झुरमुट या दैवीय वन कहा जाता है। वनों के इस भाग में बाहरी लोगों को घुसने और छेड़छाड़ करने को मनाही रहती है। अपने जीवन निर्वाहण की मात्रा के अनुसार ही वनोत्पाद प्राप्त किया जाता है।
12. अपकर्ष कारक क्या है?
उत्तर:- अपकर्ष कारक से तात्पर्य है आव्रजन के लिए आकर्षित करने वाले कारक। रोजगार के अवसर, बेहतर शिक्षा, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, उत्तम जलवायु, तरक्की करने के अवसरों की उपलब्धता आदि प्रमुख अपकर्ष कारक है।
13. स्थिर जनसंख्या से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:- किसी देश अथवा क्षेत्र में जब जन्म दर और मृत्यु दर प्रायः समान स्तर की रहती है तो कुल जनसंख्या में परिवर्तन नहीं होता है। इस अवस्था को स्थिर जनसंख्या कहते हैं। इसके पिरामिड का शीर्ष क्रमिक रूप से पतला होता है तथा निचला और मध्य भाग सामान्य चौड़ाई का होता है। पश्चिमी यूरोपीय देश और आस्ट्रेलिया में स्थिर जनसंख्या है।
14. साक्षरता को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:- 7 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति किसी भी भाषा अथवा लिपि में लिखना, पढ़ना और कुछ साधारण अंकगणितीय काम को जानता हो तथा उसका अर्थ भी समझता हो, साक्षर कहलाता है। कुल जनसंख्या में साक्षरों की प्रतिशत संख्या को साक्षरता दर कहते हैं। यह किसी जनसंख्या के सामाजिक-आर्थिक विकास और जीवन-स्तर का सूचक है।
15. सामूहिक कृषि कैसे की जाती है?
उत्तरः- निश्चित भू-भाग पर सामूहिक रूप से कृषि कार्य सम्पादित करना सामूहिक कृषि कहलाता है। इस प्रकार की कृषि झारखंड में दिखाई पड़ती है।
16. औद्योगिक बस्ती किसे कहा जाता है ?
उत्तर:- जब किसी उद्योग विशेष के कारण किसी बस्ती या नगर का जन्म होता है अथवा जब किसी अन्य कारण से उद्योगों का विकास होता है, तो उसे औद्योगिक बस्ती या औद्योगिक नगर कहते हैं। जैसे-मुम्बई, कोलकाता, जमशेदपुर, राउरकेला आदि ।
17. बाह्यस्रोतीकरण क्या है?
उत्तर:- जब कोई कम्पनी या उद्योग या कार्यालय किसी कार्य को स्वयं के कर्मचारियों या श्रमिकों से नहीं कराकर किसी बाहरी व्यक्ति अथवा संगठन से कार्य करवाता है तो उसे बाह्य स्रोतीकरण कहते हैं। इससे समय व धन की बचत होती है।
18. सड़क परिवहन की किन्हीं दो समस्याओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:- सड़क परिवहन की सबसे बड़ी और महत्त्वपूर्ण समस्याएँ हैं-
(i) सड़कों का चौड़ीकरण: सड़कों पर निर्बाध यातायात है, लेकिन आबादी के बीच अर्थात् जहाँ समस्या है। सड़कों के लिए चौड़ीकरण अत्यावश्यक के किनारे मकान बने हुए हैं, चौड़ीकरण एक विकट
(ii) जाम की समस्या कार्यालयी दिनों और समयों पर वाहनों के भारी दवाब के कारण यातायात ठप्प पड़ जाता है। वाहनों की लम्बी-लम्बी कतारें लग जाती है। मिनटों में पार होने वाली दूरी को पार करने में घंटों लग जाते हैं, जिससे काफी नुकसान होता है।
19. सवारी पत्तन क्या है? कोई दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:- जिन पत्तनों पर यात्री वाहक जहाज ठहरते हैं, उन्हें सवारी पत्तन कहा जाता है। इनका संबंध प्रमुख स्थलीय भागों या बस्तियों से सड़क या रेल मार्गों द्वारा होता है। मुम्बई पत्तन व न्यूयार्क पत्तन इसके उदाहरण हैं।
20. भारत में जनसंख्या वृद्धि की प्रमुख अवधियों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:- भारत में जनसंख्या की तीव्र वृद्धि स्वतंत्रता के बाद हुई। 1911 की जनगणना में 5.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि 1921 में गिरावट दर्ज की गई। पुनः 1931 में 11 प्रतिशत, 1941 में 14.2 प्रतिशत वृद्धि हुई। 1951 में पुनः कमी दर्ज की गई जबकि 1961 में में 21.6 21 और 1971 में 24.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 1991 के बाद वृद्धि दर में कमी आई है।
21. अधिवास क्या है? इसके प्रमुख प्रकारों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:- वह स्थान जहाँ लोग निवास करते हैं, अपनी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति रूप से उन्हें अधिवास या मानव बस्तियाँ कहते हैं। करते हैं, सामूहिक इसके दो स्वरूप या प्रकार हैं-ग्रामीण अधिवास और शहरी अधिवास। ग्रामीण अधिवास की आबादी कम होती है और कृषि कार्य है, जबकि शहरी अधिवास की अधिकांश आबादी गैर-कृषि कार्य में में संलग्न रहती संलग्न रहती है।
22. भारत की किन्हीं चार खरीफ फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर:- भारत की चार प्रमुख खरीफ फसलें हैं-
(i) धान (ii) कपास (iii) मक्का (iv) बाजरा।
23. जल संरक्षण के लिए किन्हीं चार विधियों का सुझाव दीजिए।
उत्तर:- जल संरक्षण की चार प्रमुख प्रविधियाँ हैं-
(i) वर्षा जल संचयन, (ii) जल सँभर का बैन लैण्ड का उचित प्रबंधन, (iii) बाँध बनाकर जलाशयों में जल संग्रहण, (iv) भौम जल का पुनर्भरण
24. भारत के चार अभ्रक उत्पादक क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:- भारत के चार अभ्रक उत्पादक क्षेत्र हैं-
(i) झारखंड क्षेत्र-इसका विस्तार 3900 वर्ग किलोमीटर में है।
(ii) राजस्थान क्षेत्र-इसका विस्तार 3100 वर्ग किलोमीटर में है।
(iii) आंध्र प्रदेश इसका विस्तार 1550 वर्ग किलोमीटर में है।
(iv) तमिलनाडु क्षेत्र-इसका विस्तार तिरुचिरापल्ली, मदुरै और कन्याकुमारी जिलों में है।
25. सतत् पोषणीय विकास क्या है?
उत्तरः- विकास की यह नई संकल्पना है। इसे सतत विकास अथवा धारणीय विकास भी कहा जाता है। सतत् विकास में वर्तमान तथा भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रावधान होता है। इसका अर्थ है मृदा या वन जैसे मूल्यवान साधनों का उपयोग इस गति से करें ताकि उनका उसी गति से प्राकृतिक रूप से पुनःस्थापन या पुनश्चक्रण हो सके। पृथ्वी के पारितंत्र को संरक्षित करने के लिए हमें प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर कार्य करने होंगे ।
26. भारत के कुछ प्रमुख आयात उत्पादों के नाम लिखिए।
उत्तर:- भारत द्वारा आयात किए जाने वाले प्रमुख उत्पाद हैं-खनिज तेल, मशीनरी, सोना, बहुमूल्य रत्न, उर्वरक, रसायन, कृत्रिम रत्न, अलौह धातुएँ, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आदि ।
27.लिंग-अनुपात कैसे मापा जाता है ?
उत्तर:- पुरुषों और महिलाओं की संख्या के अनुपात को लिंग अनुपात (sex ratio) कहते हैं। विश्वस्तरीय मापन सूत्र :
लिंगानुपात = पुरुषों की संख्या / महिलाओं की संख्या × 1000 प्रति हजार
भारत में इसके विपरीत सूत्र से मापन किया जाता है :
लिंगानुपात = महिलाओं की संख्या/ पुरुषों की संख्या × 1000 प्रति हजार
अथात् प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की कुल संख्या को लिंगानुपात कहते हैं।
28. आकार के आधार पर उद्योगों को वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर:- आकार के आधार पर उद्योगों को दो वर्गों में रखा जाता है-
(i) आधारभूत उद्योग वैसे उद्योग जिसके उत्पादों का उपयोग कच्चे माल के रूप में अन्य उद्योगों द्वारा किया जाता है, आधारभूत उद्योग कहलाते हैं। जैसे-लोहा-इस्पात उद्योग।
(ii) उपभोक्ता वस्तु निर्माण उद्योग वैसे उद्योग जिसके उत्पादों का उपयोग सीधे उपभोक्ता करते हैं, उपभोक्ता वस्तु निर्माण उद्योग कहलाते हैं। जैसे-साबुन, तेल. मोबाइल आदि।
29. निवल बोया गया क्षेत्र तथा सकल बोया गया क्षेत्र में अन्तर स्पष्ट करें।
उत्तर:- निवल बोया गया क्षेत्र देश के कुल ज्ञात क्षेत्रफल का वह भाग जो फसलें उगाने के लिए उपयोग किया जाता है।
सकल बोया गया क्षेत्र शुद्ध बोये गए क्षेत्र में जोड़ा गया वह क्षेत्र जिसमें किसी कृषि वर्ष अवधि में एक से अधिक बार फसलें बोई जाती हैं।
30. ध्वनि प्रदूषण के चार स्रोतों का उल्लेख करें।
उत्तर:- ध्वनि प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं-
(i) कारखानों में चलने वाली मशीनें। (ii) वायुयान(iii) तीव्रगति से चलने वाले वाहन और उसके हार्न (iv) लाउडस्पीकर, सायरन आदि।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
31. जनांकिकीय संक्रमण की तीन अवस्थाओं की विवेचना कीजिए।
उत्तर:- जननांकिकीय संक्रमण सिद्धान्त (Theory of dographic transition) का प्रतिपादन W.M. Thomson ने 1929 ई० में किया, पर इसे वैज्ञानिक स्वरूप देने का श्रेय Frak Notenstin को दिया जाता है, जिन्हें ‘जनांकिकी का जनक’ कहा जाता है। C.P. Blekar ने जनसंख्या परिवर्तन के आधार पर इस सिद्धांत का प्रतिपादन किया है। जनांकिकीय संक्रमण सिद्धांत से किसी क्षेत्र में भविष्य में जनसंख्या के बारे में ज्ञात हो सकता है। सिद्धांत बताता है कि किसी प्रदेश की जनसंख्या में परिवर्तन समय के अनुसार ग्रामीण कृषिय और निरक्षर जनसंख्या के नगरीय औद्योगिक समाज की ओर हो रहा है, जो उच्च जन्म दर और उच्च मृत्यु दर से कम जन्म दर और कम मृत्यु दर की ओर में परिवर्तन निम्न अवस्थाओं में होता है। इसे जनांकिकीय चक्र भी कहते हैं।
ग्रामीण पृष्ठीय जनसंख्या =जनांकिकीय /संक्रमण • नगरीय उद्योग
ये तीन अवस्थाएँ हैं一 प्रथम अवस्था-प्रथम अवस्था में उच्च जन्म दर और उच्च मृत्यु दर होती है। जनसंख्या वृद्धि धीमी होती है और लोग अधिकतर प्राथमिक व्रूवसाय में लगे होते हैं। जीवन प्रत्याशा कम, जनसंख्या में निरक्षरता अधिक और तकनीकी स्तर कम होता है। 4200 वर्ष पहले विश्व इसी अवस्था में था। द्वितीय अवस्था-इस अवस्था में प्रारंभ में उच्च जन्म दर में कमी होने लगती है। मृत्यु दर में कमी आ जाती है। इस कारण जनसंख्या वृद्धि भी कम होने लगती है। तीसरी अवस्था इस अवस्था में जन्म दर तथा मृत्यु दर बहुत कम हो जाती है। लगभग समानता आ जाती है। जनसंख्या या तो स्थिर हो जाती है अथवा बहुत कम वृद्धि होती है ।
32. रोपण कृषि की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:- रोपण कृषि की मुख्य विशेषताएँ यह है कि उसमें कृषि क्षेत्र का आकार बहुत विस्तृत होता है। उसमें अधिक पूँजी निवेश, उच्च प्रबंध एवं तकनीकी आधार एवं वैज्ञानिक विधियों किया जाता है। यह एक फसली कृषि है जिसमें किसी एक फसल के उत्पादन पर का प्रयोग ही संकेंद्रण किया जाता है। श्रमिक सस्ते मिल जाते हैं एवं यातायात विकसित होता है जिसके द्वारा बागान एवं जन बाजार सुचारू रूप से जुड़े रहते हैं।
फ्रांसवासियों ने पश्चिमी अफ्रीका में कॉफी एवं कोकोआ की पौधे लगाई थी। ब्रिटेनवासियों ने भारत एवं श्रीलंका में चाय के बाग, मलेशिया में रबर के बाग एवं पश्चिमी द्वीप समूह में गन्ना एवं केले के बाग विकसित किए। स्पेन एवं अमरीकावासियों ने फिलीपीन्स में नारियल व गने के बगान लगाए । वर्तमान में अधिकतर बगानों का स्वामित्व देशों की सरकार अथवा नागरिकों के नियंत्रण में है। रोपण कृषि के अन्तर्गत चाय, कॉफी कोको, रबर, कपास, गन्ना, केले एवं अन्नास आदि. को दे शामिल किया जाता है।
33. कार्यों के आधार पर नगरों को वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर:- प्रमुख या विशिष्ट प्रकारों के आधार पर भारत के नगरों और कस्बों को निम्न रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है –
(i) प्रशासनिक कस्बे और नगर (Administrative Towns and Cities) – प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में विकसित नगरों को प्रशासनिक नगर कहा जाता है। जैसे-चंडीगढ़, नई दिल्ली, भोपाल, शिलांग आदि ऐसे नगरों के उदाहरण हैं।
(ii) औद्योगिक नगर (Industrial Towns)- उद्योग ही ऐसे नगरों की प्रेरक शक्ति होते हैं। जैसे-मुम्बई, सेलम, कोयंबटूर, मोदीनगर, जमशेदपुर, हुगली, भिलाई आदि।
(iii) परिवहन नगर (Transport Towns)- ये नगर मुख्य रूप से आयात और निर्यात की गतिविधियों में लिप्त पत्तन हो सकते हैं। जैसे कांडला, कोच्चि, कालीकट, विशाखापत्तनम आदि। कुछ आंतरिक परिवहन के केन्द्र हो सकते हैं। जैसे-आगरा, मुगलसराय, इटारसी, कटनी आदि।
(iv) व्यापारिक नगर (Commercial Towns) व्यापार में विशिष्टता प्राप्त करने वाले कस्बे और नगर इसी वर्ग में शामिल किये जाते हैं। जैसे-कोलकाता, सहारनपुर, सतना आदि। (v) खनन नगर (Mining Towns) रानीगंज, झरिया, डिगबोई, अंकलेश्वर, सिंगरौली आदि।
34. ध्वनि प्रदूषण पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। –
उत्तर:- मानव के लिए 50 से 80 डेसिबल के बीच की ध्वनि सामान्य और सहनीय होती है। इससे अधिक या कम तीव्रता की ध्वनि उत्पन्न होना ही ध्वनि प्रदूषण कहलाता है। औद्योगिक मशीनें, वायुयान, रेल इंजन, लाउडस्पीकर, सायरन, आतिशवाजी आदि इसके प्रमुख स्रोत हैं। दुष्प्रभाव : इसके कारण बहरापन, तनाव, अनिद्रा, मनोरोग, हृदयरोग आदि उत्पन्न होते हैं।
नियंत्रण के उपाय :
(i) परिष्कृत इंजन एवं साइलेंसर का उपयोग ।
(ii) उच्च तीव्रता के इलेक्ट्रॉनिक हॉर्न पर प्रतिबंध लगाना।
(iii) रेडियो, टेलीविजन, लाउडस्पीकर आदि को सामान्य आवाज में सुनना।
(iv) हरित पट्टी अर्थात् पेड़-पौधे लगाना।
35. अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्वेज नहर मार्ग के महत्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर:- स्वेज नहर का निर्माण 1869 में व्यापारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए किया गया था। यह नहर भूमध्यसागर और लाल सागर को जोड़ती है। यह 10 से 15 मीटर गहरी और 160 किलोमीटर लंबी है। इस मार्ग के बन जाने से यूरोप और दक्षिण एशिया की दूरी काफी घट गई। अपने निर्माण काल से 20वीं सदी तक यह विश्व का दूसरा सबसे व्यस्ततम जलमार्ग बना रहा। कुछ समय के लिए इसे बन्द भी किया गया।
महत्त्व : (i) इस मार्ग से व्यापार करने में यात्रा समय और धन की बचत होती है। तेल क्षेत्र से गुजरने के कारण रास्ते में जहाँ-जहाँ तेल (इंधन) भरने की सुविधा है।
(ii) परिवहन लागत कम होने से व्यापारिक मुनाफा काफी अधिक होता है।
समस्याएँ : वर्तमान में यह मार्ग कई समस्याओं से जूझ रहा है, जिससे इसके महत्त्व में कमी आई है। कुछ प्रमुख समस्याएँ निम्न हैं-
(i) राजनीतिक अस्थिरता और आतंकवादी गतिविधियों के कारण अस्थिरता का वातावरण है।
(ii) बड़े व्यापारिक जहाज और टैंकर इस मार्ग से नहीं जा सकते।
(iii) जहाजों से अत्यधिक चुंगी (कर) ली जाती है। इससे बचने के लिए समय की विवशता न हो तो जहाज कंपनियाँ उत्तमाशा अंतरीप मार्ग का ही उपयोग करती है।
36. कृषि कार्य को प्रभावित करनेवाले कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:- कृषि-कार्य आदि काल से अधिकांश लोगों के जीविका का मुख्य साधन रहा है। कृषि कार्य निम्नलिखित भौगोलिक कारकों पर निर्भर करती है-
(i) जलवायु : प्रत्येक फसल के लिए तापमान और वर्षा या सिंचाई की एक नियत सीमा होती है। बीज के अंकुरण, वृद्धि, फूल लगने और फल लगने के लिए नियत जलवायु आवश्यक है।
(ii) मृदा : जमीन की ऊपरी परत पर वनस्पतियाँ उगती हैं। ऊपरी मृदा में ही कार्बनिक तत्व होते हैं, जो फसल उत्पादन को बढ़ाते हैं। मृदा में उपस्थित नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, कैल्सियम आदि पोषक तत्व कहलाते हैं। विभिन्न मृदा में इनकी मात्रा भिन्न होती है, अतः फसल का निर्धारण भी मृदा के प्रकार पर निर्भर करता है।
(iii) उच्चावच भूमि के प्रकार अर्थात् पर्वत, पठार और मैदान भी कृषि प्रतिरूप को प्रभावित करते हैं। पर्वतीय ढलानों पर उगने वाली वनस्पति मैदानों में नहीं उगाई जा सकती है। फसलों के अनुसार भूमि समतल अथवा ढालू भूमि आवश्यक होती है।
(iv) पूँजी की उपलब्धता : जुताई जुताई, बीज, सिंचाई, उर्वरक, मजदूरी आदि के लिए पूँजी की आवश्यकता होती है। सीमांत और भूमिहीन किसानों को कृषि ऋण की जरूरत पड़ती है।
37. आकृति के आधार पर ग्रामीण अधिवासों का वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर:- सामान्यतः भारत में ग्रामीण बस्तियों के निम्नलिखित प्रतिरूप पाये जाते हैं-
(i) रैखिक प्रतिरूप (Linear Pattern): इस प्रकार की बस्तियों में मकानों की दो समांतर कतारें होती हैं। मकान एक-दूसरे के आमने-सामने होते हैं जो बीच में एक आम रास्ते से अलग किए जाते हैं। मणिपुर, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में ऐसी बस्तियाँ नदियों के किनारे बसी हुई हैं। तट के साथ-साथ बसे हुए मछुआरों के गाँव भी रैखिक गुच्छों की भाँति ही दिखाई पड़ते हैं।
(ii) गोलाकार प्रतिरूप (Circular Pattern): इसे वृत्तीय प्रतिरूप व नाभिक प्रतिरूप के नाम से पुकारा जाता है। जब कभी किसी झील या तालाब के किनारे मकान चन जाते हैं तो गाँव का गोलाकार प्रतिरूप हो
38. प्रवास के सामाजिक जनांकिकीय परिणामों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:- प्रवास सामाजिक परिवर्तन में सहायक होता है। इससे विभिन्न संस्कृतियों के लोगों का अंतर्मिश्रण होता है, जिससे लोगों के मानसिक स्तर का विस्तार होता है तथा संकीर्ण विचारों का अन्त होता है। यह परिवर्तन विशेष रूप से नगरीय क्षेत्रों में होता है, जहाँ मिश्रित संस्कृति का विकास होता है। इतना ही नहीं, प्रवास के माध्यम से नवीन प्रौद्योगिकियों, परिवार नियोजन, बालिका शिक्षा इत्यादि से संबंधित नये विचारों का नगरीय क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों की ओर विसरण होता है। किन्तु, ग्रामीण-नगरीय प्रवास के कारण व्यक्ति अपने परिवार से अलग हो जाता है और स्वतंत्र जीवन व्यतीत करने के क्रम में कभी-कभी गुमनामी, खिन्नता, अपराध और औषध दुरुपयोग (drugabuse) जैसी असामाजिक क्रियाओं में फँस जाता है। पुरुष बाह्य प्रवास के कारण स्त्रियाँ गाँवों में छूट जाती हैं. जिससे उन पर अतिरिक्त शारीरिक और मानसिक दबाव पड़ता है।
मानव प्रवास उद्गम तथा गंतव्य दोनों स्थानों की जनांकिकी को भी प्रभावित करता है। यह जनसंख्या का पुनर्वितरण करता है। ग्रामीण नगरीय प्रवास नगरों में जनंख्या की वृद्धि में योगदान देता है। यह दोनों क्षेत्रों की आयु एवं लिंग संरचना में गम्भीर असंतुलन पैदा कर देता है। नगरों में कार्यशील आयु के पुरुषों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे नगर का लिंग अनुपात काफी कम हो जाता है। इसके विपरीत गाँवों में लिंग अनुपात बढ़ जाता है तथा यहाँ आश्रित जनसंख्या (Dependant population) की अधिकता हो जाती है।
39. चलवासी पशुचारण और व्यापारिक पशुपालन में अंतर कीजिए।
उत्तर:- चलवासी पशुचारण और व्यापारिक पशुपालन में निम्नलिखित अन्तर है-
चलवासी पशुचारण:-
(i) पशुपालकों का चारे की खोज में
(ⅰi) ऋतु प्रवास करना, चलवासी पशु- चारण कहलाता है।
(iii) इसमें पशुचारण का स्थाई क्षेत्र नहीं होता है, बल्कि ये मौसम और चारे के अनुसार स्थान बदलते रहते हैं।
(iv) इसमें पारंपरिक देशी पशुओं को पाला जाता है जिससे उत्पादन और आय कम होती है।
व्यापारिक पशुपालन:-
(i) पशुपालकों द्वारा स्थाई चारागाह क्षेत्र/फार्म में पशुपालन करना व्यापारिक पशुपालन कहलाता है।
(ii) इसमें पशुचारण का क्षेत्र होता है, जहाँ स्थाई प्राकृतिक चारे के साथ-साथ चारे की खेती की जाती है।
(iii) इसमें वैज्ञानिक तरीके से उन्नत नस्ल के पशुओं को पाला जाता है, जिससे उत्पादन और आय काफी अधिक होती है।
40. अन्तरराष्ट्रीय व्यापार में स्वेज नहर मार्ग के महत्त्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर:- स्वेज नहर का निर्माण 1869 में व्यापारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए किया गया था। यह नहर भूमध्यसागर और लाल सागर को जोड़ती है। यह 10 से 15 मीटर गहरी और 160 किलोमीटर लंबी है। इस मार्ग के बन जाने से यूरोप और दक्षिण एशिया की दूरी काफी घट गई। अपने निर्माण काल से 20वीं सदी तक यह विश्व का दूसरा सबसे व्यस्ततम जलमार्ग बना रहा। कुछ समय के लिए इसे बन्द भी किया गया।
महत्त्व : (i) इस मार्ग से व्यापार करने में यात्रा समय और धन की बचत होती है।
(ii) तेल क्षेत्र से गुजरने के कारण रास्ते में जहाँ-जहाँ तेल (ईंधन) भरने की सुविधा है।
(iii) परिवहन लागत कम होने से व्यापारिक मुनाफा काफी अधिक होता है।
समस्याएँ : वर्तमान में यह मार्ग कई समस्याओं से जूझ रहा है, जिससे इसके महत्त्व में कमी आई है। कुछ प्रमुख समस्याएँ निम्न हैं-
(i) राजनीतिक अस्थिरता और आतंकवादी गतिविधियों के कारण अस्थिरता का वातावरण है।
(ii) बड़े व्यापारिक जहाज और टैंकर इस मार्ग से नहीं जा सकते।
(iii) जहाजों से अत्यधिक चुंगी (कर) ली जाती है। इससे बचने के लिए समय की विवशता न हो तो जहाज कंपनियाँ उत्तमाशा अंतरीप मार्ग का ही उपयोग करती है।
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विकास चौधरी सर, 5 साल के अनुभवी और समर्पित शिक्षक एवं ब्लॉगर हैं, जो शिक्षा, नौकरी, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी देने के लिए जाने जाते हैं। इनका उद्देश्य युवाओं को सही जानकारी देकर उनका भविष्य बेहतर बनाना है।